समास સમજૂતી 4
✨ समास का जादू ✨
शब्दों को जोड़ने की कला, कम शब्दों में बड़ी बात कहना!
🤝 द्वंद्व समास
"दोनों बराबर, कोई नहीं कम"
जब दोनों शब्दों की वैल्यू एक समान हो और बीच में 'और' का पुल बने।
गंगा-यमुना
राम-लक्ष्मण
रात-दिन
दाल-रोटी
💡 ट्रिक: विलोम शब्द या जोड़े हमेशा यहीं मिलते हैं।
♾️ अव्ययीभाव
"पहला शब्द ही बॉस है"
यहाँ पहला पद प्रधान होता है और वह अक्सर एक उपसर्ग होता है जिसे बदला नहीं जा सकता।
यथाशक्ति
प्रतिदिन
आजीवन
बेखटके
💡 ट्रिक: शब्द के आगे 'आ, यथा, प्रति' दिखे तो समझो अव्ययीभाव है।
🔗 तत्पुरुष समास
"रिश्तों की कड़ियाँ (कारक)"
यहाँ दूसरा शब्द मुख्य है। इसे खोलने पर बीच में से 'का, के, से, में' जैसे शब्द निकलते हैं।
प्रयोगशाला
स्वर्गप्राप्त
कार्यक्षेत्र
बुद्धिहीन
💡 ट्रिक: बस यह सोचो - "किसका?" या "किससे?"।
🎨 कर्मधारय
"विशेषता बताने वाला"
यहाँ एक शब्द दूसरे की तारीफ करता है। (कैसा है? कैसा दिखता है?)
नीलकमल
सज्जन
महादेव
मुखचंद्र
💡 ट्रिक: 'है जो' या 'के समान' लगाकर देखो।
🔢 द्विगु समास
"गणित का शौकीन"
इसका पहला अक्षर हमेशा एक संख्या (Number) होता है।
नवग्रह
चौराहा
त्रिफला
सप्ताह
💡 ट्रिक: गिनती आए तो द्विगु पाए।
🎭 बहुव्रीहि
"तीसरा ही खिलाड़ी"
लिखा कुछ और है, मतलब कुछ और है। यह किसी विशेष व्यक्ति की ओर इशारा करता है।
दशानन (रावण)
चक्रधर (विष्णु)
लंबोदर (गणेश)
प्रधानमंत्री
💡 ट्रिक: यह अक्सर भगवानों के नामों के लिए आता है।
याद रखने का सुपरहिट मंत्र (Short Trick)
संख्या = द्विगु | और = द्वंद्व | विशेषता = कर्मधारय | तीसरा = बहुव्रीहि
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