समास - સમજૂતી 3
📚 समास (Samas) - सम्पूर्ण ज्ञान
"समास का तात्पर्य है संक्षिप्तीकरण। दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए नवीन और सार्थक शब्द को समास कहते हैं।" [00:00:23]
1. द्वंद्व समास (Dvandva Samas)
जिस समास के दोनों पद प्रधान होते हैं और विग्रह करने पर बीच में 'और' का बोध होता है। [00:01:01]
| समस्त पद | विग्रह |
|---|---|
| गंगा-यमुना | गंगा और यमुना |
| राम-लक्ष्मण | राम और लक्ष्मण |
| सुख-दुख | सुख और दुख |
| रात-दिन | रात और दिन |
| माता-पिता | माता और पिता |
2. अव्ययीभाव समास (Avyayibhav Samas)
इसमें पहला पद (पूर्व पद) प्रधान होता है और पूरा पद 'अव्यय' होता है। इसमें अक्सर उपसर्ग (आ, अनु, प्रति, यथा) लगे होते हैं। [00:02:18]
| समस्त पद | विग्रह |
|---|---|
| आजीवन | जीवन भर |
| यथाशक्ति | शक्ति के अनुसार |
| प्रतिदिन | प्रत्येक दिन |
| बेशर्त | बिना शर्त के |
3. तत्पुरुष समास (Tatpurush Samas)
इसमें दूसरा पद (उत्तर पद) प्रधान होता है। विग्रह करते समय कारक चिन्हों (को, से, के लिए, का, की, में) का प्रयोग होता है। [00:03:35]
| समस्त पद | विग्रह |
|---|---|
| रक्षागार | रक्षा का आगार |
| बुद्धिहीन | बुद्धि से हीन |
| रसखान | रस की खान |
| प्रयोगशाला | प्रयोग की शाला |
| कार्यक्षेत्र | कार्य का क्षेत्र |
4. कर्मधारय समास (Karmadharaya Samas)
इसमें पहला पद विशेषण (तारीफ) और दूसरा पद विशेष्य होता है। इसमें किसी व्यक्ति या वस्तु की विशेषता बताई जाती है। [00:05:45]
| समस्त पद | विग्रह |
|---|---|
| पीतांबर | पीला वस्त्र |
| सज्जन | अच्छा मनुष्य |
| महाजागरण | महान जागरण |
| भवसागर | संसार रूपी सागर |
5. बहुव्रीहि समास (Bahuvrihi Samas)
इसमें कोई भी पद प्रधान नहीं होता, बल्कि दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अर्थ (नए नाम) की ओर इशारा करते हैं। [00:07:46]
| समस्त पद | विग्रह / अर्थ |
|---|---|
| प्रधानमंत्री | जो मंत्रियों में प्रधान हो |
| चक्रधर | चक्र को धारण करने वाला (विष्णु जी) |
| अविनाशी | जिसका नाश न हो |
| अनगिनत | जिसकी गिनती न हो सके |
6. द्विगु समास (Dvigu Samas)
इसमें पहला पद संख्यावाचक (Number) होता है और यह किसी समूह का बोध कराता है। [00:08:50]
| समस्त पद | विग्रह |
|---|---|
| नवग्रह | नौ ग्रहों का समूह |
| पंचवटी | पाँच वटों का समूह |
| नवरात्रि | नौ रात्रियों का समूह |
| दशानन | दस आननों का समूह |
| दोपहर | दो पहरों का समूह |
तैयार किया गया: कक्षा 9-10 हिन्दी व्याकरण अभ्यास
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