उपसर्ग સમજૂતી 3
🏭 शब्द निर्माण की प्रयोगशाला: 'उपसर्ग'
"ज्ञान वह शक्ति है जिससे आप पूरी दुनिया को बदल सकते हैं।"
संस्कृत उपसर्ग
अति + चार = अत्याचार
अर्थ: अन्याय या ज़ुल्म (संधि नियम)
संस्कृत उपसर्ग
अनु + करण = अनुकरण
अर्थ: नकल करना या पीछे चलना
हिंदी उपसर्ग
अन + मोल = अनमोल
अर्थ: जिसका कोई मूल्य न हो (कीमती)
हिंदी उपसर्ग
कु + पात्र = कुपात्र
अर्थ: बुरा या अयोग्य व्यक्ति
विदेशी उपसर्ग
ला + जवाब = लाजवाब
अर्थ: जिसका कोई जवाब न हो (बेहतरीन)
विदेशी उपसर्ग
बे + कसूर = बेकसूर
अर्थ: जिसका कोई दोष न हो (निर्दोष)
संस्कृत उपसर्ग
निर् + जन = निर्जन
अर्थ: बिना मनुष्य वाला स्थान (सुनसान)
हिंदी उपसर्ग
भर + पेट = भरपेट
अर्थ: पेट भरकर
📝 याद रखने योग्य:
उपसर्ग वे शब्दांश हैं जो शब्द के शुरू (आरंभ) में जुड़ते हैं।
"सीखने की कोई उम्र नहीं होती, और ज्ञान का कोई अंत नहीं।"
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